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नोएडा हिंसा: साजिश के पीछे ये संगठन; 17 Whatsapp ग्रुप से भड़की आग; बिहार सीवान का रहने वाला रुपेश समेत 500 आरोपी गिरफ्तार

नोएडा में श्रमिक आंदोलन के दौरान सोमवार को भारी बवाल हुआ था। एक साथ कई कंपनियों में तोड़फोड़ और आगजनी की गई थी। पुलिस की जांच में मजदूर बिगुल दस्ता नाम के एक संगठन का हाथ सामने आया है।

Noida Protest: जिसके एक इशारे पर सुलगा दिया नोएडा, सामने आया उस संगठन का नाम; 17 WhatsApp ग्रुप्स का खुलासा, रुपेश समेत 500 आरोपी गिरफ्तार

नोएडा में साजिश के तहत जिस हिंसा को अंजाम दिया गया, उसमें अब एक बड़ा अपडेट सामने आया है। जानकारी मिल रही है कि इनमें से एक “मजदूर बिगुल दस्ता” नाम के एक संगठन का हाथ सामने आया है।

पुलिस ने इस संगठन के मुखिया बिहार का सीवान का रहने वाला रूपेश राय को गिरफ्तार किया।

इसके साथ ही पुलिस ने अब तक 17 व्हाट्सएप ग्रुप की भी पहचान की है, जिनके जरिए आंदोलन को हिंसक बनाने की कोशिश की गई थी।

कंपनियों के बाहर लगे वेतन वृद्धि के बोर्ड

नोएडा हिंसा से जुड़ा एक ऑडियो भी आया था सामने

पुलिस को प्रदर्शन से जुड़ी एक ऑडियो क्‍लिप मिली है जिसमें एक शख्‍स उपद्रवियों से पुलिस पर हमला करने की अपील कर रहा है। वो कह रहा है कि भाइयों पुलिस पर कल (मंगलवार) हमला करना है। हमारे बहुत सारे भाई-बहन घायल हुए हैं। सभी को अपने साथ लाठी-डंडे और लाल मिर्च का पाउडर लेकर चलना है।

इतना ही नहीं, पुलिस को Whatsapp मैसेज का एक स्‍क्रीनशॉट भी मिला है जिसमें एक आरोपित ने लाठी डंडे से अलग मिर्ची पाउडर लेकर चलने की बात लिखी है।

नोएडा पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने श्रमिकों के विरोध प्रदर्शन को लेकर किया बड़ा ख़ुलासा श्रमिकों के प्रदर्शन में सोशल मीडिया X पर फेक न्यूज़ फैलाने वाला हैंडल पाकिस्तान का प्राउड इंडिया नवी,आरुषि तिवारी,दोनो हैंडल पाकिस्तान से चल रहे थे,हैण्डलरर्स ने पुलिस की गोली से 11 व 14 श्रमिकों की मौत का किया था ट्वीट, श्रमिकों को भड़काने वाले दो आरोपी रूपेश रॉय,मनीषा चौहान को नोएडा पुलिस ने किया गिरफ़्तार।

नोएडा में क्या हुआ था?

प्रशासन के मुताबिक, हरियाणा से एक फेक न्यूज शेयर की गई थी कि केंद्र सरकार ने सबको 20 हजार सैलरी के आदेश जारी किए हैं। इस फेक न्यूज से कर्मचारी उकसावे में आए और नोएडा में भारी बवाल शुरू हो गया। नोएडा पुलिस कमिश्नर ने बताया कि दूसरे जिलों से आए एक जत्थे ने नोएडा में एंट्री ली और माहौल बिगाड़ा।

आपको बता दें कि इस दौरान 82 स्थानों रक 42 हजार लोगों ने प्रदर्शन किया। रिपोर्ट के अनुसार, एक ग्रुप ने पहले एक स्थान पर आगजनी की और फिर एक साजिश के तरह दूसरे लोकेशन पर बढ़े। CCTV को निशाना बनाकर डिजिटल सबूत मिटाने की कोशिश की गई।

कौन है मुख्य आरोपी रूपेश राय
रूपेश राय बिगुल दस्ता एवं नौजवान भारत सभा नाम का संगठन संचालित करता है। संगठन के लोग श्रमिकों को प्रदर्शन जारी रखने के लिए लगातार अपील कर रहे थे। हालांकि, उनका कहना है कि शुक्रवार को भी वह इस प्रदर्शन में श्रमिकों के साथ शामिल होने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन उनका कहना था कि पुलिस ने उन्हें रोक लिया था। उन्होंने कहा कि वह श्रमिकों की आवाज को बुलंद करने का प्रयास कर रहे हैं।

बीते शनिवार को एनएसईजेड मेट्रो स्टेशन के नीचे प्रदर्शन के दौरान रूपेश राय श्रमिकों को प्रदर्शन जारी रखने के लिए कहते हुए नजर आ रहा है। जबकि आज सेक्टर-84 स्थित उद्योगों में शांतिपूर्वक श्रमिक काम पर लौट आए हैं। बीते दिनों बने तनाव के बाद फिर कंपनी में काम कर रहे हैं।  सरकार के वेतन बढ़ाने के आदेश का असर दिख रहा है।

उपद्रव पर आउटसोर्सिंग एजेंसी ब्लैकलिस्ट
नोएडा में जिलाधिकारी मेधा रूपम ने आउटसोर्सिंग एजेंसियों की बैठक में साफ निर्देश दिए- यदि किसी एजेंसी या उसके कर्मचारी द्वारा उपद्रवी व्यवहार किया गया तो एजेंसी की भी जिम्मेदारी मानी जाएगी। ऐसी एजेंसी को ब्लैकलिस्ट कर लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई होगी। सभी कॉन्ट्रैक्टर्स को शासन की गाइडलाइंस का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए।

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