अहमदाबाद के युवक के सीने में धड़केगा गौरव दवे का दिल, किडनियां और लिवर इंदौर में होंगे प्रत्यारोपित— समाज सेविका अंकिता राजपूत
इंदौर-राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुकी समाज सेविका अंकिता राजपूत रक्तदान के क्षेत्र में देशभर के लगभग सभी राज्यों में जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्तदाता उपलब्ध कराकर हजारों लोगों का जीवन बचाने का कार्य कर रही हैं। वे लगातार समाज में रक्तदान और अंगदान के प्रति जनजागरूकता फैलाने के साथ-साथ स्वयं भी मरणोपरांत नेत्रदान का संकल्प ले चुकी हैं।
अंकिता राजपूत का कहना है कि अंगदान के क्षेत्र में पूरे देश के लिए मिसाल बन चुका मध्य प्रदेश का इंदौर शहर एक बार फिर मानवता, संवेदनशीलता और जीवनदान का अद्भुत उदाहरण बनकर सामने आया है।
इंदौर के खजूरी बाजार निवासी 25 वर्षीय गौरव दवे ने इस दुनिया से विदा लेने के बाद भी चार लोगों को नया जीवन देने का अमूल्य कार्य किया। मोयामोया बीमारी से पीड़ित गौरव को डॉक्टरों ने ब्रेन डेड घोषित किया, लेकिन उनके परिवार ने दुःख की इस घड़ी में साहस और मानवता का परिचय देते हुए अंगदान का ऐतिहासिक निर्णय लिया।
गौरव अपने जीवन में फिल्मों, टीवी सीरियल और वेब सीरीज के लिए कलाकारों का चयन करने का कार्य करते थे। वे पर्दे पर कलाकारों को हीरो बनाने में अपनी भूमिका निभाते थे, लेकिन आज अपने इस महान निर्णय के कारण वे स्वयं रियल लाइफ हीरो बन गए हैं।
परिवार की सहमति के बाद गौरव का हृदय अहमदाबाद भेजा गया, जहां अब वह किसी जरूरतमंद के सीने में धड़ककर उसे नई जिंदगी देगा। वहीं उनका लिवर, दोनों किडनियां और अन्य अंग इंदौर के विभिन्न जरूरतमंद मरीजों में प्रत्यारोपित किए गए, जिससे कई परिवारों में उम्मीद की नई किरण जगी।
इस महान कार्य के लिए सोमवार को इंदौर शहर में चार महीने बाद 68वां ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया, जिसके माध्यम से समय पर हृदय को अहमदाबाद पहुंचाया गया। यह ग्रीन कॉरिडोर एक बार फिर इंदौर की उत्कृष्ट चिकित्सा व्यवस्था, प्रशासनिक समन्वय और मानवीय संवेदनाओं का प्रतीक बना।
समाज सेविका अंकिता राजपूत ने दिवंगत गौरव दवे की पावन आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि ऐसे महान लोग अपने कर्मों से हमेशा जीवित रहते हैं। उन्होंने गौरव के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और इस असहनीय दुःख की घड़ी में उनके साहस, मानवता और अंगदान जैसे प्रेरणादायक निर्णय की हृदय से सराहना की।
उन्होंने सभी नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि “रक्तदान जीवन बचाता है और अंगदान जीवन के बाद भी कई जिंदगियों में नई सांसें भर देता है। आइए, हम सभी रक्तदान और अंगदान के लिए आगे आएं तथा मानवता की इस सबसे बड़ी सेवा का हिस्सा बनें।”
गौरव दवे को भावपूर्ण श्रद्धांजलि।
उनका यह महान निर्णय सदैव समाज को मानवता और अंगदान के लिए प्रेरित करता रहेगा।




