AIMS Green Avenue में ‘फर्जी वेलफेयर एसोसिएशन’ का खेल? विरोध करने वालों को धमकाने और झूठे आरोप लगाने का आरोप, प्रशासन से उच्चस्तरीय जांच की मांग
ग्रेटर नोएडा वेस्ट।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित AIMS Green Avenue सोसायटी में कथित रूप से अवैध तरीके से गठित एक वेलफेयर एसोसिएशन को लेकर विवाद गहरा गया है। कई निवासियों ने आरोप लगाया है कि बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया, चुनाव अथवा अधिकांश फ्लैट मालिकों की सहमति के कुछ लोगों ने स्वयं को पदाधिकारी घोषित कर सोसायटी के मामलों पर नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश की है। आरोप है कि इस समूह का विरोध करने वाले निवासियों को डराया-धमकाया जाता है और उन्हें सोसायटी में रहने में कठिनाई पैदा करने की चेतावनी दी जाती है।
शिकायतकर्ता हरिमोहन सिंह, निवासी जे-टॉवर, फ्लैट J-202, ने आरोप लगाया है कि 16 जुलाई 2026 को सोसायटी के “AIMS Family” व्हाट्सएप ग्रुप, जिसमें लगभग 500 परिवार जुड़े हुए हैं, में एक सदस्य की पत्नी द्वारा उन पर बिना किसी प्रमाण के बिजली चोरी जैसा गंभीर आरोप लगाया गया। उनका कहना है कि यह संदेश सैकड़ों लोगों तक पहुंचा, जिससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा और व्यक्तिगत छवि को गहरी ठेस पहुंची। बाद में संबंधित संदेश हटा दिया गया, लेकिन तब तक वह अनेक लोगों द्वारा पढ़ा जा चुका था।
हरिमोहन सिंह का कहना है कि घटना के तुरंत बाद उन्होंने यूपी-112 पर कॉल कर पुलिस सहायता मांगी। पुलिस के निर्देश पर उन्होंने चेरी काउंटी पुलिस चौकी में लिखित शिकायत दर्ज कराई तथा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर भी शिकायत की। उनका आरोप है कि शिकायत दर्ज होने के बावजूद अब तक कोई ठोस या प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि यदि कोई निवासी कथित एसोसिएशन के कार्यों पर सवाल उठाता है या पारदर्शिता की मांग करता है, तो उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करने, झूठे आरोप लगाने और दबाव बनाने की कोशिश की जाती है। उनका कहना है कि इससे सोसायटी का माहौल लगातार तनावपूर्ण होता जा रहा है।
निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। व्हाट्सएप ग्रुप में लगाए गए आरोपों की सत्यता की जांच हो तथा यदि आरोप निराधार पाए जाएं तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध मानहानि एवं अन्य प्रासंगिक कानूनी धाराओं में कार्रवाई की जाए। साथ ही, सोसायटी में संचालित कथित वेलफेयर एसोसिएशन के गठन, उसके अधिकारों एवं उसकी वैधानिक स्थिति की भी जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए।
शिकायतकर्ताओं ने स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि सोसायटी में कानून का शासन, पारदर्शिता, निष्पक्ष व्यवस्था और प्रत्येक निवासी के सम्मान एवं संवैधानिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना है।




