मझगवां में कुपोषण का कहर,सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखे आरोप-प्रत्यारोप!
समाजसेवी ने थामा सेवा का संकल्प!
✒️Raj shree
मझगवां (सतना): चित्रकूट विधानसभा के मझगवां क्षेत्र में कुपोषण से हुई मासूमों की मौत ने सरकारी दावों की पोल खोल दी है। इस हृदयविदारक घटना के बाद क्षेत्र के दिग्गजों ने प्रशासनिक लापरवाही को आड़े हाथों लिया है। जहां एक ओर अधिकारियों की ‘कामचोरी’ पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इसे ‘प्रशासनिक हत्या’ करार दिया जा रहा है।
विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार
“अधिकारियों की लापरवाही ने ध्वस्त की व्यवस्था”
स्थानीय विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार ने इस स्थिति के लिए सीधे तौर पर स्वास्थ्य और महिला बाल विकास विभाग के अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि
ग्रामीण क्षेत्रों में अशिक्षा के कारण माता-पिता कुपोषण के लक्षणों को समझ नहीं पाते।
मैदानी अमले की ‘कामचोरी’ के कारण जमीनी स्तर पर कोई सुधार नहीं दिख रहा है।
विधायक ने आक्रोश जताते हुए कहा कि उनकी पहल पर मझगवां में पोषण पुनर्वास केंद्र खुला था, लेकिन विभाग की लापरवाही से आज वहां की व्यवस्थाएं पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी हैं।
नीलांशु चतुर्वेदी
“भाजपा सरकार में तिजोरियां भरी जा रही हैं, मासूम दम तोड़ रहे हैं”
पूर्व विधायक नीलांशु चतुर्वेदी ने इस मामले में सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने इसे सामान्य मौत नहीं बल्कि ‘प्रशासनिक हत्या’ बताया। चतुर्वेदी ने आरोप लगाया कि
सत्तापक्ष के नेता केवल धन संचय और बंदरबाँट में मस्त हैं।
संस्थानों के नाम पर लूट मची है और गरीब के बच्चे कुपोषण से पस्त हैं।
उन्होंने मांग की है कि दोषी अधिकारियों पर केवल विभागीय जांच नहीं, बल्कि सीधे हत्या का मुकदमा दर्ज होना चाहिए।
सुभाष शर्मा ‘डोली’
“दोषियों का निलंबन हो, वरना होगा उग्र आंदोलन”
पूर्व प्रत्याशी सुभाष शर्मा ने इन मौतों को सरकारी तंत्र पर एक गहरा कलंक बताया है। उन्होंने शासन से मांग की है कि
इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए।
लापरवाह अधिकारियों को तत्काल निलंबित किया जाए।
शर्मा ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो वे जनता के साथ मिलकर उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
संजय शुक्ला
“सेवा ही संकल्प, निजी खर्च पर दिलाएंगे पोषण आहार”
राजनीतिक बयानों के बीच भाजपा नेता और समाजसेवी संजय शुक्ला ने एक सकारात्मक पहल की है। उन्होंने संकल्प लिया है कि क्षेत्र में पोषण की कमी से अब किसी मासूम की जान नहीं जाने देंगे। उन्होंने घोषणा की कि
वह अपने निजी खर्च से सभी चिन्हित कुपोषित बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराएंगे।
उनकी एक विशेष टीम नियमित रूप से ग्राउंड सर्वे करेगी ताकि कोई भी पीड़ित बच्चा सहायता से वंचित न रहे।
शुक्ला ने कहा, “हर नौनिहाल का जीवन बचाना ही हमारी प्राथमिकता है




