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महंगाई, बेरोजगारी व पेट्रोलियम मूल्यों की वृद्धि के खिलाफ CPI(M) का जिलाधिकारी गाजियाबाद कार्यालय पर प्रदर्शन, सरकार को सौंपा ज्ञापन

महंगाई, बेरोजगारी व पेट्रोलियम मूल्यों की वृद्धि के खिलाफ CPI(M) का जिलाधिकारी गाजियाबाद कार्यालय पर प्रदर्शन, सरकार को सौंपा ज्ञापन

भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), जिला कमेटी गाजियाबाद द्वारा 8 जून 2026 से चलाए जा रहे जन-अभियान के तहत आज जिलाधिकारी कार्यालय, गाजियाबाद पर धरना/प्रदर्शन कर केन्द्र व उत्तर प्रदेश सरकार के नाम ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट श्री सतीश चन्द त्रिपाठी को सौंपा गया।
धरना/प्रदर्शन को संबोधित करते हुए पार्टी की केन्द्रीय कमेटी सदस्य एवं दिल्ली-एनसीआर राज्य कमेटी सचिव कामरेड अनुराग सक्सेना ने कहा कि सरकार की उदारीकरण-निजीकरण और अमेरिका परस्त नीतियों के कारण जनता कमरतोड़ महंगाई व बेरोजगारी से त्रस्त है। पेट्रोल-डीजल व रसोई गैस के दाम रोजाना बढ़ाकर जनता को भुखमरी की ओर धकेला जा रहा है।
दिल्ली सचिव मंडल सदस्य कामरेड बिरजेश सिंह ने कहा कि गाजियाबाद, नोएडा, मानेसर, गुरुग्राम, फरीदाबाद समेत तमाम औद्योगिक क्षेत्रों में मजदूर आंदोलनों का मुख्य कारण महंगाई है। जब हर वस्तु के दाम बढ़ रहे हैं तो कॉर्पोरेट मुनाफे के साथ मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी क्यों नहीं बढ़ाई जा रही?
सीटू जिला उपाध्यक्ष कामरेड राजबीर सिंह व जनवादी महिला समिति जिला अध्यक्ष नीरू सेंगर ने बताया कि 12 साल बाद भी उत्तर प्रदेश सरकार ने गाजियाबाद व गौतमबुद्ध नगर में मात्र ₹13,690 अंतरिम वेतन की घोषणा की है, जबकि दिल्ली में कुशल मजदूर का न्यूनतम वेतन ₹18,456 है। NCR में उपभोक्ता वस्तुओं के दाम एक समान हैं तो वेतन भी जीने लायक कम से कम ₹26,000 होना चाहिए।

धरने के माध्यम से रखी गईं प्रमुख मांगें:

  1. कीमत नियंत्रण: जीवन रक्षक दवाओं, दाल, तेल व रसोई गैस जैसी जरूरी वस्तुओं पर सख्त कानून व मूल्य सीमा लागू हो। 2. सार्वजनिक वितरण प्रणाली: राशन प्रणाली यूनिवर्सल बने। गेहूं-चावल के साथ दाल, चीनी, खाद्य तेल व मसाले भी न्यूनतम दरों पर मिलें। 3. रोजगार व न्यूनतम मजदूरी: सभी खाली सरकारी पद तुरंत भरे जाएं। मनरेगा के दिन व मजदूरी बढ़े। शहरी रोजगार गारंटी योजना लागू हो। महंगाई के अनुपात में न्यूनतम वेतन ₹26,000 तय हो। 4. सार्वजनिक निवेश: कॉर्पोरेट को टैक्स छूट के बजाय कृषि व बुनियादी उद्योगों में निवेश बढ़े ताकि स्थाई रोजगार पैदा हों। 5. उत्पादन आधारित अर्थव्यवस्था: सट्टेबाजी के बजाय वास्तविक उत्पादन क्षमता मजबूत की जाए। जनकल्याणकारी योजनाओं से जनता की क्रय शक्ति बढ़ाई जाए।
    कार्यक्रम की अध्यक्षता CPI(M) जिला सचिव कामरेड ईश्वर त्यागी ने की। प्रदर्शन में साहिबाबाद लोकल कमेटी सचिव कामरेड देवेंद्र शर्मा, शहर लोकल कमेटी सचिव कामरेड तिरफूल सिंह, डीएसएमएम जिला सचिव ठाकुर दास समेत जी.एस. तिवारी, रविन्द्र कुमार, नरेंद्र चौधरी, जे.पी. शुक्ला, श्रीकृष्ण सिंह, बिरमजीत सिंह, सत्यप्रकाश त्यागी, रैनू झा, नूर अप्सा, शहनाज़, नूर बानो, जाहिद, बसन्ती, दर्शनी देवी, टूना, सीता, यू.के. पाठक, अभिरंजन, सुशील शर्मा, फूल चंद स्वामी, राजेश भगत, मुकेश देवा, वेदपाल नागर, कन्हैया, तोताराम सागर, पंकज गुप्ता, कमल यादव सहित सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए।

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