समाज सेविका अंकिता राजपूत उच्च शिक्षा प्राप्त कर आज विभिन्न क्षेत्रो में राष्ट्र व समाज के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए अपने सामाजिक कार्यों से राष्ट्रीय स्तर की समाज सेविका बन चुकी हैं उन्हें आज किसी पहचान की जरूरत नहीें हैं।अपने नेक कार्यो से समाज मेें अपनी एक अमिट छाप छोड़ रही हैं व वर्तमान मेें ग्रेटर नोएडा वेस्ट की समृद्धि ग्रैंड एवेन्यू सोसाइटी की निवासी हैं।अंकिता राजपूत छोटी उम्र से ही सामाजिक कार्यो में योगदान देती आ रही हैं।वह मानवता को सर्वोपरि रखती हैं व बहुत आध्यात्मिक भी हैं।

नोएडा पीजीआई सेक्टर 30 अस्पताल मेें जीवन रक्षक देवदूत चित्रेश व अमन द्वारा रक्तदान मासूम बच्चें के जीवन को रोशन करने के साथ-साथ उनके उदास चेहरे पर मुस्कान लाने की बजह भी बना।समाज सेविका अंकिता राजपूत ने अपने सभी जीवन रक्षक देवदूत का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हमारे जीवन रक्षक देवदूत हर दिन मानवता की मिसाल कायम कर रहे हैं।जहाँ लोगो का मानना हैं संता क्लोज बच्चों को उपहार देते हैं। समाज सेविका अंकिता राजपूत का कहना हैं हमारे जीवन रक्षक देवदूत मानवता के लिए रक्तदान सेवा से जरूरतमंदो के लिए जीवनदान देने का कार्य कर रहे हैं साथ ही कई उदास मासूम पीड़ित मरीज बच्चों के अंधकारमय जीवन को रोशन कर उनके चेहरे पर मुस्कान लाकर उन्हें उस दर्द से राहत भी दिला रहे हैं जो उनके लिए असहनीय हैं।

जीवन रक्षक देवदूत अमन जी
पीजीआई अस्पताल के स्टाफ ने भी देवदूत चित्रेश व अमन के मानवता के प्रति इस नेक कार्य के लिए आभार व्यक्त करते हुआ कहा कि समाज मेें मानवता अभी भी जिन्दा हैं व समाज मेें विभिन्न क्षेत्रों मेें अंकिता राजपूत द्वारा किये जा रहे सामाजिक कार्यो को भी बहुत सराहा।अंकिता राजपूत ने 25 दिसम्बर को तुलसी पूजन दिवस मनाकर अपनी सनातन संस्कृति को बढ़ावा दिया व 400 वर्ष पूर्व 21 से 27 दिसम्बर तक देश-धर्म के लिए जिनका पूरा परिवार बलिदान हो गया था सेवा और मानवता के अमर प्रतीक जो खालसा पंथ के संस्थापक गुरू गोविंद सिंह जी महाराज के जीवन का मूलमंत्र सेवा था।वे स्वयं से पहले सेवा के सिद्धांत पर आजीवन चलते रहे।उनका मकसद भयमुक्त समाज की स्थापना करना था समाज सेविका अंकिता राजपूत ने श्री गुरू गोविंद सिंह जी जैसे वीर शहीदों के बलिदान को स्मरण करते हुए उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजली भी अर्पित की जिन्होने देश-धर्म के लिए अपना पूरा परिवार बलिदान कर दिया था। साथ ही कहा श्री गुरू गोविंद सिंह जी का बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा।

जीवन रक्षक देवदूत चित्रेश जी




