8वें केंद्रीय वेतन आयोग के समक्ष पहुँची दिल्ली के शिक्षकों की मांगें
नई दिल्ली –
दिल्ली के शिक्षकों की लंबित एवं न्यायसंगत मांगों को लेकर प्रगतिशील शिक्षक न्याय मंच के प्रतिनिधिमंडल ने 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के समक्ष अपना पक्ष रखा। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व मंच के अध्यक्ष डॉ. प्रदीप डागर एवं कार्यकारी अध्यक्ष व AINPSEF के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मनजीत सिंह पटेल व AINPSEF के कॉ-ऑर्डिनेशन कमिटी के राष्ट्रीय चेयरमैन व प्रदेश अध्यक्ष विनोद कुमार यादव ने किया।
चंद्रलोक बिल्डिंग, जनपथ, नई दिल्ली में हुई बैठक में शिक्षकों के लिए 14 CL, 30 EL एवं 20 Medical Leave, Vice Principal पद पर 100% प्रमोशनल कोटा, Principal पद पर पर्याप्त विभागीय प्रमोशनल कोटा, Head of Subject का नया प्रमोशनल पद, सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करने, OPS बहाली, DGEHS सुविधाओं के विस्तार तथा DGEHS/CGEHS में से एक स्वास्थ्य योजना चुनने का विकल्प देने सहित कई महत्वपूर्ण मांगें रखी गईं। शिक्षकों के लिए व्यापक एवं कैशलेस स्वास्थ्य बीमा की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।
8वें केंद्रीय वेतन आयोग की चेयरपर्सन श्रीमती रंजना प्रकाश देसाई, प्रो. पुलक घोष, श्री पंकज जैन एवं अन्य सदस्यों ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों को गंभीरता से सुना तथा उचित विचार का आश्वासन दिया।
“शिक्षक राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। शिक्षक को सम्मानजनक सेवा शर्तें, समयबद्ध पदोन्नति, सुरक्षित पेंशन और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी, तभी वह पूरी क्षमता से शिक्षा और राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकेगा। हमारी लड़ाई केवल वेतन के लिए नहीं, बल्कि शिक्षक के सम्मान और सुरक्षित भविष्य के लिए है।”
विनोद कुमार यादव, चेयरमैन, राष्ट्रीय कॉ-ऑर्डिनेशन कमिटी एवं
प्रदेश अध्यक्ष, AINPSEF, दिल्ली,
प्रतिनिधिमंडल में अंकुर त्रिपाठी विमुक्त एवं अमित कुमार पाण्डेय भी उपस्थित रहे।




