उत्तराखंड की कलाकृति
उत्तराखंड की कलाकृति
(शीला ऐपण शिल्प)के द्वारा विश्व पटल पर बिखरेंगी “शिला पंत”
शीला ऐपण शिल्प
नोएडा में देवभूमि उत्तराखंड की ऐपण कला से महिलाओं को सशक्त बना रही शीला पंत
उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को नोएडा महानगर में नई पहचान दिलाने का सराहनीय कार्य कर रही है शिला पंत!
मूल रूप से शीला पंत उत्तराखंड के गंगोलीहाट (नाघर )की निवासी बताई जा रही नोएडा के सेक्टर 52 स्थित अरावली अपार्टमेंट में रहकर कुमाऊनी परंपरा को जीवित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका भी निभा रही है
कुमाऊं की पारंपरिक कला को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए समर्पित रूप से कार्य कर रही कुमाऊनी संस्कृती में हर शुभ कार्य में विशेष महत्व रखने वाली शीला ऐपण शिल्प को उन्होंने नोएडा जैसी शहरी परिवेश में भी लोकप्रिय बना दिया विशेष बात यह है कि शीला पंत बच्चों और इच्छुक महिलाओं को यह कला निशुल्क सीखा रही है उनका उद्देश्य केवल परंपरा को जीवित रखना ही नहीं बल्कि इससे रोजगार का माध्यम भी बनाकर महिलाओं और बेटियों को सशक्त करना और आत्मनिर्भर बनाना है
नोएडा सेक्टर-52, स्थित अरावली अपार्टमेंट में ‘शीला ऐपण शिल्प’ की निःशुल्क ऐपण कला प्रशिक्षण कक्षाओं का शुभारंभ
नोएडा के अरावली अपार्टमेंट में शीला ऐपण शिल्प द्वारा 10 जुलाई से एक माह की निःशुल्क ऐपण कला प्रशिक्षण कक्षाओं का शुभारंभ किया गया। पहले दिन बड़ी संख्या में महिलाओं एवं युवतियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और उत्तराखंड की पारंपरिक ऐपण कला को सीखने की शुरुआत की।
प्रशिक्षण के पहले दिन का माहौल बेहद उत्साहपूर्ण और प्रेरणादायक रहा। प्रतिभागियों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे भारतीय लोककला को आगे बढ़ाने की एक सुंदर पहल बताया।
शीला ऐपण शिल्प का उद्देश्य उत्तराखंड की पारंपरिक ऐपण कला को घर-घर तक पहुँचाना और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है।

इस अवसर पर शीला पंत की कई सहेलियों ने भी बस चढ़कर हिस्सा लिया दीपा जोशी, रेनू उनियाल, कल्पना बलोदी, कमला रावत, संगीता भोज , पुष्पा भट्ट,अंकीता , बिमला कोठिरी, मंमता यादव , सरोजनी रावत,कमल अधीकारी, ऊषा जोशी प्रतिभागी बनी



